Monthly Archives: January 2014

जमीन जायदाद की रजिस्ट्रियों में भारी कमी

अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रापर्टी में आई गिरावट के चलते राज्य को इस साल अब तक 1500 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ है।

मंदी के चलते नवंबर माह में 13 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। राज्य में जमीन के भाव लगातार कम हो रहे हैं। रियल इस्टेट कारोबार में निवेश करने वाले कारोबारी परेशान हैं क्योंकि रियल इस्टेट सेक्टर में बूम नहीं है।

राज्य सरकार ने जब से प्रापर्टी टैक्स के लिए अधिसूचना जारी कर कालोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की है तब से मार्केट में मंदी बढ़ी है।

राजस्व विभाग के एक आला अधिकारी ने बताया कि नवंबर माह में 13 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। नवंबर माह में 1669 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ जबकि पिछले साल इस समय के दौरान 1920 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।

राज्य सरकार ने चालू वर्ष में 20 फीसदी राजस्व बढ़ोतरी का लक्ष्य निर्धारित किया था। मंदी के चलते लक्ष्य तक पहुंचने की बजाय राजस्व में 13 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

इससे साफ है कि कुल लक्ष्य का 30 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। राजस्व विभाग ने नवंबर तक 22,250 करोड़ रुपये का राजस्व इकट्ठा किया जबकि 23,771 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि अगली खरीफ फसल के बाद राजस्व में बढ़ोतरी की संभावना है।

अवैध कालोनियों से वसूले 360 करोड़
प्रापर्टी टैक्स और अवैध कालोनियों को नियमित करने के लिए सरकार ने जो नीति बनाई है उसका आर्थिक लाभ तो मिल रहा है लेकिन राजस्व विभाग को इसका नुकसान हुआ है।

अवैध कालोनियों को नियमित करने के मामले में सरकार को अब तक 360 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है यह रकम निकाय विभाग के पास जा रही है।

इसका उपयोग भी इन कालोनियों में सुविधाएं दिए जाने के काम में होगा। इसका उनके विभाग को कोई लाभ नहीं है।

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जमीन जायदाद की रजिस्ट्रियों में भारी कमी

अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रापर्टी में आई गिरावट के चलते राज्य को इस साल अब तक 1500 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ है।

मंदी के चलते नवंबर माह में 13 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। राज्य में जमीन के भाव लगातार कम हो रहे हैं। रियल इस्टेट कारोबार में निवेश करने वाले कारोबारी परेशान हैं क्योंकि रियल इस्टेट सेक्टर में बूम नहीं है।

राज्य सरकार ने जब से प्रापर्टी टैक्स के लिए अधिसूचना जारी कर कालोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की है तब से मार्केट में मंदी बढ़ी है।

राजस्व विभाग के एक आला अधिकारी ने बताया कि नवंबर माह में 13 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। नवंबर माह में 1669 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ जबकि पिछले साल इस समय के दौरान 1920 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।

राज्य सरकार ने चालू वर्ष में 20 फीसदी राजस्व बढ़ोतरी का लक्ष्य निर्धारित किया था। मंदी के चलते लक्ष्य तक पहुंचने की बजाय राजस्व में 13 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

इससे साफ है कि कुल लक्ष्य का 30 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। राजस्व विभाग ने नवंबर तक 22,250 करोड़ रुपये का राजस्व इकट्ठा किया जबकि 23,771 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि अगली खरीफ फसल के बाद राजस्व में बढ़ोतरी की संभावना है।

अवैध कालोनियों से वसूले 360 करोड़
प्रापर्टी टैक्स और अवैध कालोनियों को नियमित करने के लिए सरकार ने जो नीति बनाई है उसका आर्थिक लाभ तो मिल रहा है लेकिन राजस्व विभाग को इसका नुकसान हुआ है।

अवैध कालोनियों को नियमित करने के मामले में सरकार को अब तक 360 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है यह रकम निकाय विभाग के पास जा रही है।

इसका उपयोग भी इन कालोनियों में सुविधाएं दिए जाने के काम में होगा। इसका उनके विभाग को कोई लाभ नहीं है।

Source:-Amarujala.com

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कैसा रहेगा रियल एस्टेट सैक्टर 2014

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भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए साल 2013 कुछ खास अच्छा नहीं रहा। आय में स्थिरता, रुपए के मूल्य में गिरावट, आसमान छूती मुद्रास्फीति की दर और ब्याज की ऊंची दर ने लोगों को अपने खर्चों तथा निवेश पर लगाम लगाने को विवश कर दिया। इसका असर सीधे-सीधे रियल एस्टेट सैक्टर पर भी हुआ। इस साल त्यौहारों के मौसम में भी अपेक्षा अनुरूप तेजी देखने को नहीं मिली।
सरकार द्वारा लागू किए जा रहे रियल एस्टेट रैगुलेशन बिल को लेकर भी इंडस्ट्री में नाखुशी का माहौल बना हुआ है। वैसे इस सबके बावजूद आवासीय सम्पत्ति के दामों में लगातार इजाफा होता रहा जबकि रुपए के मूल्य में अवमूल्यन इसकी विक्रय शक्ति को क्षीण करता रहा। अब नया साल अपने साथ नई अपेक्षाएं लेकर आ रहा है। आइए आपको बताएं कि विशेषज्ञों की राय में साल 2014 में कैसा रहेगा रियल एस्टेट का रुख?

रीडिवैल्पमैंट गतिविधियों में इजाफा होगा
शहरीकरण के कारण घट रही भूमि की वजह से रियल एस्टेट सैक्टर का काफी जोर रीडिवैल्पमैंट पर भी केंद्रित रहेगा। इसकी एक वजह यह भी है कि नए भूमि अधिग्रहण कानून के मद्देनजर अब डिवैल्पर्स के लिए भूमि अधिग्रहण पहले की तुलना में कहीं अधिक कठिन हो जाएगा। ऐसे में भारतीय शहरों में रिडिवैल्पमैंट की दिशा में डिवैल्पर्स के लिए सम्भावनाओं की कोई कमी नहीं है।

मांग तथा आपूर्ति में तालमेल बैठाने का समय
जहां भारत में हो रहा शहरीकरण दुनिया भर के निवेशकों को मुनाफा कमाने का सुनहरा अवसर प्रतीत हो रहा है वहीं इसकी वजह से बढ़ रही जरूरतों को पूरा करना भी एक बड़ी चुनौती साबित हो रही है।

वर्तमान में बाजार चौकस है और इसकी ऐसी भावनाएं 2014 की पहली छमाही तक जारी रहने की अपेक्षा है। हालांकि साल के दूसरे हिस्से में बिक्री में निरंतर इजाफा होगा तथा आवासीय रियल एस्टेट पूंजी में मूल्य वृद्धि साल भर 10 से 12 फीसदी की दर से हो सकती है।

किफायती आवास देंगे 2014 में विकास को गति
एक विकसित होती अर्थव्यवस्था में सम्भावनाओं की कोई कमी नहीं होती और समय आ चुका है कि भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री इंतजार में बैठे मौकों की पहचान कर सके।  अब तक भारत में करीब 2 करोड़ आवासों की कमी है और इसमें से 95 फीसदी कमी आर्थिक रूप से कमजोर तथा निम्न आय वर्ग के लिए आवासों की है। सरकारी जानकारी के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवास 4 से 10 लाख रुपए के होने चाहिएं।

इसका अर्थ है कि किफायती आवासीय परियोजनाओं को हमारे शहरों के ऐसे पनगरों का रुख करना होगा जहां इस मूल्य के आवास उपलब्ध करवाना सम्भव हो। ऐसी परियोजनाओं के लिए सरकार की ओर से शुल्क तथा करों में विभिन्न प्रकार की छूट हासिल करने की कोशिश भी की जानी चाहिए।

Source:-Punjabkesari.in

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‘Noida will be prime property location in 2014’

Having an experience of over a decade in the construction industry, Paras Buildtech has made a name for itself in residential, retail and commercial markets. Standing forPerseverance Accuracy Result-oriented Adaptable Social Responsibility, the group has made its presence felt in areas such as Gurgaon, Noida and Zirakpur and Mohali in Punjab. The MD of the group, Harindar Nagar talks to Magicbricks.com’s Shradha Goyal about his opinions about the market performance in 2013 and expresses his anticipations for 2014. Here are the excerpts –

What are your expectations from the Noida real estate market in the year 2014?

Noida and Greater Noida will continue to be one of the prime property locations in 2014. The number of infrastructure projects lined up by the Uttar Pradesh government and NCR Planning Board, including extension of Metro lines, makes these locations favourable for both end-users and investors. Among the stretches, Noida Expressway continues to be one of the finest road projects in the country, attracting a large chunk of investment for real estate development.

Which areas are expected to see maximum development in 2014? Why?

Among the specific areas in Noida, few sectors on Noida Expressway such as 137, 168, Greater Noida West (formerly known as Noida Extension) and areas on Yamuna Expressway falling under Greater Noida are expected to see maximum real estate development and deliveries in 2014.

Where are your projects located and why did you choose these locations?

Our project Paras Tierea is located in Noida sector-137 and other project Paras Seasons is located in Noida sector-168. Both the projects are strategically located with carefully designed layout. We are all set to start giving possession very soon.

Which locations in the city witnessed maximum launches in year 2013? Why?

Greater Noida West, Greater Noida and Yamuna Expressway witnessed the maximum number of projects launches in 2013 as there was easy availability of land. Moreover, the government has chalked out development plans for these areas. Moreover to improve the basic infrastructure along the fast developing Noida – Yamuna Expressway, there are plans for a new 20 km road network for better connectivity.

What was the volume of sales and stock in the year 2013 vis-à-vis the last year?

2013 saw slower recovery of properties due to slowdown in economy, high interest rates and high inflation rates severely denting the savings of people. With new Reserve Bank of India’s policy on repo rate, we are looking forward for more stable market in 2014.

What will be the impact of the upcoming general elections on the real estate sector in Noida?

There are two factors that impact the real estate market of any particular area in country – local and national. Locally speaking, since the state government will remain the same before and after the general elections, so their policies, in all likelihood, will remain the same. However, for the national factors, such as interest rates, Real Estate Regulatory Bill, Land Acquisition Act etc, we expect some concrete steps from the next elected central government. The outcome of these steps will determine the direction of the real estate sector.

What are the developments expected in 2014?

We expect the concerned authorities and governments to act swiftly on the implementation part of infrastructure projects such as Noida City Centre – Noida Extension line and Greater Noida – Agra metro project.

Source:magicbricks.com

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20% rate hike in ready reckoner for posh areas in Maharashtra

The state government has increased the ready reckoner (RR) rates for residential and commercial properties by up to 20% in municipal corporation areas of Pune, Thane, Navi Mumbai and Mumbai from the new year.

RR rates have been increased by over 20% in only 26 zones of the total 737 zones into which Mumbai is divided. The increase in rates mostly affects select tony areas like Worli, Napeansea Road, Altamount Road and Carter Road. In 2012, the government had increased RR rates by a maximum 30%.

RR is an annual statement of propert rates based on which the stamps and registration department collects stamp duty from property buyers. The government intends to garner over Rs 20,000 crore in 2013-14.

Tax collection through stamps and registration is the highest source of revenue for the state.

The real estate sector and the ruling and opposition parties had strongly opposed any rise in ready reckoner rates due to the current economic slowdown and deteriorating financial condition of the sector. Property buyers would have to shell out more, as based on the revised RR rates, they would also have to pay higher value added tax, service tax and stamp duty.

Senior town planning officials said the hike in RR is not much compared to the property rates in the open market and contrary to the perception that the economic slump had slowed down property transactions. “Mumbai in fact, saw an increase in the registration of property documents. Over 2.07 lakh property documents were registered from January to November 2013 against 1.98 lakh documents for the same period in 2012. The reason for the hike in registration numbers could be the recent new change in income tax rules of valuing property as per RR rates. Consumers may have seen a benefit in registering their property,” said an official.

Amin Patel, Congress legislator from south Mumbai, said, “I had written a letter to chief minister Prithviraj Chavan requesting that the government not hike RR rates in the current prevailing economic condition as it will ultimately have a negative impact on property buyers. I had hoped the government would change its mind.”

 Source:magicbricks.com

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